दो साल सात माह बाद अबीर सुनेगा पहला शब्द

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 दो साल सात माह बाद अबीर सुनेगा पहला शब्द





जन्म लेने के कुछ समय बाद ही बच्चा आवाज को सुनने, समझने और पहचानने लग जाता है। मगर अबीर के साथ ऐसा नहीं हुआ। दो साल सात महीने का होने के बाद भी अबीर अभी तक एक शब्द नहीं सुन पाया है। हालांकि किस्मत सदा एक जैसी नहीं होती। 


दो साल सात माह बाद ही सही, अबीर अब सबकुछ सुनने लगेगा। ग्रेटर नोएडा के रहने वाले अबीर के जीवन में यह बदलाव आया कोक्लियर इंप्लांट से । अबीर के कान के आंतरिक हिस्से में ऐसी मशीन लगाई गई है जिससे वह आम लोगों की तरह सबकुछ सुनने लगेगा। अहम बात यह है कि यह सफल आपरेशन रेवाड़ी में हुआ है। 


रेवाड़ी में इस तरह का यह पहला आपरेशन है जिसमें चिकित्सकों की टीम ने अपनी तरफ से अबीर के परिवार का पूरा सहयोग भी किया है। 

पिता-पुत्री ने संभाली आपरेशन की कमान: ग्रेटर नोएडा के सावेरी निवासी रविंद्र सिंह और कमला को / दो संतान हैं। बड़ा बेटा अयान सिंह पूरी तरह से ठीक है लेकिन अबीरसिंह को जन्म से ही सुनाई नहीं दे रहा है। माता पिता को जब इस बात की जानकारी मिली कि उनका बेटा सुन नहीं सकता, उनके तो पैरों तले से जमीन ही खिसक गई। सुन नहीं पाने के कारण अबीर आजतक कुछ बोल भी नहीं पा रहा है। 


चिकित्सकों की मानें तो सुनने के बाद ही बोलने वाले टीशू डेवलप होते हैं। स्वजन ने नोएडा में अबीर को कई जगहों पर दिखाया लेकिन कोई बात नहीं बनीं। इसके बाद जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में जाकर भी जांच कराई। 


वहां पता चला कि बच्चे के अगरकोक्लियर इंप्लांट हो जाए तो उससे सुनने लगेगा। एसएमएस में आपरेशन की तारीख मिलने में देरी हो रही थी क्योंकि स्वजन चाह रहे थे कि तीन साल का होने से पूर्व अबीर का आपरेशन करा दिया जाए।


 देरी होने पर बेहतर रिजल्ट नहीं आ पाते। इस दौरान उन्हें पता चला कि रेवाड़ी में डा. आदेश सक्सेना और उनकी बेटी डा. आशिमा बेहतर ईएनटी सर्जन हैं तथा बड़े अस्पतालों की बजाय यहां पर कम खर्च में उपचार हो सकता है।

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