आइएस से प्रभावित था मंगलुरु • धमाके का आरोपित शारिक
आइएस से प्रभावित था मंगलुरु • धमाके का आरोपित शारिककर्नाटक पुलिस ने सोमवार को बताया कि मंगलुरु आटो रिक्शा धमाके का आरोपित, मुहम्मद शारिक एक वैश्विक आतंकी संगठन आइएस से प्रभावित व प्रेरित था।
छापेमारी में मैसुरु स्थित उसके किराये के मकान से बम बनाने की सामग्री बरामद हुई है। सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच एनआइए को सौंपी जा सकती है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अलोक कुमार ने बताया कि यह जांच की जा रही है कि आरोपित शारिक के कर्नाटक के बाहर किन लोगों से संबंध थे। उन्होंने कहा, 'उसका हैंडलर अब्दुल मतीन ताहा था, जो बेंगलुरु के सुद्दगुंटेपल्या का रहने वाला है।
एनआइए ने उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। शिमोगा के तीर्थहल्ली निवासी शारिक शनिवार को मंगलुरु के बाहरी इलाके में एक आटो में प्रेशर कुकर, डेटोनेटर, तार व बैटरियों के साथ यात्रा कर रहा था, तभी उसमें विस्फोट हो गया।
इसमें वह झुलस गया और फिलहाल इलाजरत है। कर्नाटक पुलिस ने इसे आतंकी वारदात करार दिया है।
वहां भी मंदिर के बाहर धमाका हुआ था। शारिक पिछले दो महीने से कोयंबटूर जा रहा था और लोगों से मिल रहा था। जांच में पता चला है कि वह कोयंबटूर में कुछ महीने रहा था और वहीं से अपने रूममेट सुदर्शन के नाम पर सिम कार्ड खरीदा था। आरोपित शारिक के स्वजन अस्पताल में उसे देखने भी पहुंचे।
सांप्रदायिक उन्माद भड़काने का भी रहा है आरोपित मंगलुरु में शारिक पर आपत्तिजनक पेंटिंग करने का मुकदमा दर्ज है। बाद में उसे जमानत मिल गई थी।
शिमोगा में 15 अगस्त को दामोदर सावरकर की तस्वीर लगाने को लेकर हुए सांप्रदायिक संघर्ष में भी उसका नाम सामने आया था। प्रेम सिंह नाम के एक व्यक्ति को चाकू मार दिया गया था। इसमें मुहम्मद जबीहुल्ला, सैयद यासीन व माज मुनीर अहमद गिरफ्तार हुआ था, जबकि शारिक फरार हो गया था। तीनों ने शारिक पर ब्रेनवाश करने का आरोप लगाया था।
