रेवाड़ी की आईआइटी स्कॉलर बेटी का ऑक्सफोर्ड विवि ने चुना शोध-पत्र

All Haryana Update
1

 रेवाड़ी की आईआइटी स्कॉलर बेटी का ऑक्सफोर्ड विवि ने चुना शोध-पत्र


रेवाड़ी। शहर के गढ़ी बोलनी रोड स्थित एलीगेंट सिटी निवासी एवं रूड़की आईआईटी की पीएचडी स्कॉलर शीतल यादव के विषम परिस्थितियों से गुजरती महिलाएं विषय पर तैयार किए गए शोध-पत्र को ऑक्सफोर्ड यूनिवसिर्टी ने चुना है। शीतल 7 से 16 दिसंबर तक आयोजित होने वाले कार्यक्रम में अपना शोध-पत्र प्रस्तुत करेगी। 


बेटी की इस उपलब्धि पर परिजनों ने खुशी जताते हुए बधाई दी है। दादा दयाराम यादव ने बताया कि शीतल बचपन से पढ़ाई में अव्वल रही है और प्रथम प्रयास में ही नेट क्वालीफाई करने के बाद अब आईआईटी रूड़की से पीएचडी में स्कालरशिप कर रही है। फिलहाल वह कोर्स के अंतिम वर्ष में है। 


शीतल ने बताया कि उनके पिता नरेंद्र यादव का वर्ष 2017 में हृदयघात से निधन हो गया था जिसके बाद से उनके दादा ने अपनी पेंशन से उनकी उच्चस्तरीय शिक्षा पूरी कराई। उनकी बड़ी बहन सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता है जबकि भाई प्रतीक गुड़गांव में बैंक मैनेजर के पद पर कार्यरत है।


अदालत से पीओ घोषित दो आरोपी गिरफ्तार।



रेवाड़ी जिला पुलिस ने अलग-अलग मामलों में अदालत से पीओ घोषित किए।


दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गांव टूमना निवासी विनोद कुमार और शहर के धारूहेड़ा चुंगी निवासी निखिल उर्फ रति के रूप में हुई है। गांव टूमना निवासी विनोद कुमार को जेएमआईसी अदालत ने एनआई एक्ट मामले में अदालत में पेश नहीं होने के कारण पीओ घोषित किया हुआ है। कोसली पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर शहर थाना पुलिस को सौंप दिया।


 वहीं मॉडल टाउन थाना पुलिस ने भी पीओ घोषित किए धारूहेड़ा चुंगी निवासी निखिल उर्फ रति को गिरफ्तार किया है। आरोपी मारपीट के दर्ज मामले में अदालत में पेश नहीं हो रहा था. जिसके बाद उसे वर्ष 2019 में पीओ घोषित किया था


जिला स्तरीय रंगोत्सव में राज्य शिक्षक अवॉर्डी सत्यपाल ने जीते चार पुरस्कार, हर साल रहते हैं इन विधाओं में अव्वल


3 स्कूलों की लैब का भी कर चुके कायाकल्प, अब बुड़ौली स्कूल की लैब को संवारने में जुटे


बुड़ौली के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मौलिक मुख्य अध्यापक कार्यरत राज्य शिक्षक अवॉर्डी सत्यपाल सिंह ने हाल ही में आयोजित हुई जिला स्तरीय रंगोत्सव की 4 विधाओं में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। 



इससे पहले खंड स्तर पर 5 विधाओं में पहला पुरस्कार प्राप्त किया था। शिक्षक सत्यपाल की प्रतिभा यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जिस भी स्कूल में जाते हैं, उस स्कूल की विज्ञान लैब की भी कायाकल्प कर चुके हैं। 



अब तक जिले की 3 स्कूलों की लैब को आधुनिक रूप दिया जा चुका है। अब बुड़ौली स्कूली की लैब को संवारने में जुटे हैं। इसके लिए वे लगातार स्कूल में कार्य कर रहे हैं। इधर, अब वे कुरूक्षेत्र में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय रंगोत्सव की तैयारियों में जुट गए हैं। 


शिक्षक सत्यपाल खुद ही हारमोनियम बजाते हैं। इसके अलावा और वाद्ययंत्रों को भी वे बजाना जानते हैं।

तीन स्कूलों की लैब भी संवारी : शिक्षक सत्यपाल का जज्बा इन विधाओं में प्रतिभागिता करने तक ही नहीं थमा है, बल्कि उनको जब भी स्कूल में मौका मिलता है, वह लैब को संवारने में लग जाते हैं। अपने स्तर पर ही रंग-पेंट जुटाकर जिले के तीन स्कूलों की लैब को संवार चुके हैं। 


इन स्कूलों राजकीय उच्च विद्यालय टांकड़ी, प्राणपुरा, डहीना गर्ल्स स्कूल में दो लैब मैथ व साइंस की लैब को संवारा है। इन लैब की दीवारों पर साइंस व मैथ के डायग्राम से लेकर रंग-रोगन कर अनेक चित्र बनाए हैं। 


दीवारों पर खुद ही ब्रश लेकर खाली समय में चित्र बनाने लग जाते हैं। अब बुड़ौली स्कूल की लैब को संवारने में जुटे हैं। कुछ चित्र साइंस की लैब में बना दिए हैं।


सत्यपाल सिंह ने जिला स्तर पर 4 विधाओं में प्राप्त किया प्रथम स्थान



ईएसएचएम सत्यपाल सिंह ने रंगोत्सव कार्यक्रम 2022-23 के अंतर्गत खंड स्तर पर 5 विधाओं वोकल म्यूजिक, वोकल क्लासिकल इंस्ट्रूमेंट, परंपरागत खिलौने एवं खेल, एकल ड्रामा, विजुअल आर्ट थ्री-डी में प्रथम स्थान, विजुअल आर्ट टू-डी, सांग ट्रेडिशनल इंस्ट्रूमेंट में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। 


इतना ही नहीं 5 विद्यार्थियों ने भी विभिन्न विधाओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। एक विद्यार्थी ने द्वितीय व 2 विद्यार्थियों ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 

शिक्षक सत्यपाल को जिला स्तर पर हुए कार्यक्रम में क्लासिकल इंस्ट्रूमेंट, क्लासिकल गायन, एकल ड्रामा, परंपरागत खिलौने एवं खेलों में अर्थात 4 विधाओं में जिला स्तर पर प्रथम स्थान मिला है। सत्यपाल ने जिला स्तर पर सबसे अधिक पुरस्कार प्राप्त किए।

 अब वे राज्य स्तर पर अपनी विभिन्न विधाओं व कलाओं का प्रदर्शन करेंगे।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

1टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें