कॉलोनियां नियमित करने के एजेंडे में शामिल, जबकि ऐसी कई कॉलोनियां अनियमित

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आधी शहर- आधी गांव में बसी 3 कॉलोनियां नियमित करने के एजेंडे में शामिल, जबकि ऐसी कई कॉलोनियां अनियमित



17 कॉलोनियों के पास किए जाने हैं प्रस्ताव, हाउस की बैठक होने का इंतजार।


शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय को प्रस्ताव पास कर भेजी जानी हैं फाइलें।


शहर की 17 कॉलोनियों को नियमित करने की तैयारी चल रही है। नगर परिषद हाउस की रद्द हो चुकी दो बैठकों के एजेंडे में ये मुद्दा भी शामिल था, मीटिंग हो नहीं पाई। 


इनमें आधी शहर और आधी गांवों में बसी कॉलोनियों को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। 17 में से 3 कॉलोनियां नगर परिषद की बजाय शहर के साथ सटे गांवों की जमीन पर हैं। 


नियमानुसार ऐसी कॉलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव पास नहीं किया जा सकता। सरकार द्वारा इन हिस्सों को नगर परिषद में शामिल करने के बाद ही इन कॉलोनियों को अप्रूव्ड किया जा सकता है। 


तीनों ही कॉलोनियों का आधे से ज्यादा हिस्सा ग्रामीण तथा कुछ हिस्सा नगर परिषद के दायरे में है। ऐसे में इसे जिला योजनाकार (डीटीपी) विभाग के माध्यम से एजेंसी द्वारा किए गए सर्वे की खामी कह सकते हैं, सर्वे के बाद ही इनको नियमित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। 


हम आपको बता दें कि हाउस की बैठक में यह सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा था की कॉलोनियों के प्रस्ताव पास कर मुख्यालय को भेजे जाने हैं।


(इन तीन कॉलोनियों का हिस्सा पंचायतों से जुड़ा हुआ है।)


नए हाउस की बैठक में कॉलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव रखा जाना है, इसमें 3 कॉलोनियां राव तुलाराम विहार फेस वन, शास्त्री नगर व खातीवाला कॉलोनी भी शामिल हैं। 


नगर परिषद के रिकॉर्ड के अनुसार तीनों ही कॉलोनियों का 50 percent से अधिक हिस्सा नगर परिषद के दायरे से बाहर है तथा यह कॉलोनियां साथ लगते गांव की जमीन पर बसी हुई हैं। राव तुलाराम विहार फेस वन का एरिया गांव रामपुरा, शास्त्री नगर का एरिया गांव कन माजरा व खातीवाला कॉलोनी का एरिया कालूवास गांव की जमीन पर है।



जो एरिया शहरी नहीं, नाप नहीं कर सकती सरकार अप्रूव्ड :-

          अधिकारियों के अनुसार कॉलोनियों को रेगुलर करने के लिए जिला योजनाकार द्वारा सर्वे कराया गया था, मगर कॉलोनियों का बड़ा हिस्सा पंचायतों की जमीन पर होने से सर्वे भी सवालों में है। 



पंचायती कॉलोनियां नियमित करने की सूची में शामिल क्यों हैं। यदि इन कॉलोनियों को नियमित किया जाता है तो आधा हिस्सा ही रेगुलर किया जा सकता है, क्योंकि जमीन पंचायत होने की वजह से यह नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। 


बाहरी कॉलोनियों को नगर परिषद तब तक नियमित करने की प्रक्रिया नहीं अपना सकती जब तक कि वह शहरी क्षेत्र का हिस्सा नहीं बन जाती।



दो बैठके हो चुकी स्थगित : 

                    रेवाड़ी शहरी क्षेत्र की जिन 17 कॉलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा जाना है उनके लिए नगर परिषद हाउस की बैठक का इंतजार है। 


पहले तत्कालीन ईओ की गिरफ्तारी के चलते बैठक को स्थगित करना पड़ा था तथा दूसरी बैठक पार्षदों और डीएमसी के विवाद के चलते पूरी नहीं हो पाई थी अब जब भी बैठक होगी इन कॉलोनियों को लेकर मंत्रणा की जाएगी।

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